Thursday, 4 October 2018

फोर्टनाइट! ये क्या बला है ?



क्या आपने सुना, पति-पत्नी के रिश्तों में अलगाव के लिए कई कारणों मसलन ड्रग्स, नशा,जुआ, बेवफाई, दहेज़ इत्यादि के अलावा एक और कारण भी हो सकता है, वह है फोर्टनाइट। फोर्टनाइट, भला ये क्या बला है?तो सुनिए, यूके की एक वेबसाइट 'डिवोर्स ऑनलाइन' द्वारा कराये गए एक सर्वे के मुताबिक यूके में जनवरी से लेकर अभी तक फाइल हुए ४६६५ तलाक के मामले में २०० याचिकाओं में प्रमुखता से 'फोर्टनाइट गेम खेलने की लत' को जिम्मेदार बताया गया है। डिजिटल क्रांति का यह दौर कहीं 'फुटबॉल विडो' के तर्ज़ पर 'फोर्टनाइट विडो जैसा कुछ इज़ाद तो नहीं कर रहा? स्पष्ट है, यह गेम महज बच्चों को ही नहीं वरन वयस्कों को भी अपनी ओर आकर्षित करने में उतना ही सक्षम है। खिलाडियों की संख्या के लिहाज से देखें तब इसने अन्य सभी ऑनलाइन खेले जा रहे गेम को पीछे छोड़ दिया है. आंकड़ें कहते हैं, अभी तक यह गेम १२५ मिलियन लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका है जबकि नवम्बर २०१७ में यह संख्या २०मिलियन ही थी। निश्चित रूप से संख्या में यह उछाल इस गेम की बेमिसाल लोकप्रियता की पुष्टि करता है। ख़बर है, हर महीने औसतन चार करोड़ लोग इस खेल को खेलते भी हैं। फोर्टनाइट बैटल रोयाल गेम के प्रति लोगों का जनून इस कदर है कि प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए लोग अच्छी खासी रकम का भुगतान कर कोच की मदद तक ले रहे हैं☺

क्या है फोर्टनाइट
माना जाता है कि प्रसिद्ध भौतिक शास्त्री विलियम हिगिनबाथम द्वारा सन १९५८ में बनाये गए 'टेनिस फॉर टू' नामक वीडियो गेम से ऑनलाइन गेमिंग की शुरुआत हुई थी। तब से लेकर अब तक कई ऑनलाइन गेम्स ने लोगों को अपना दीवाना बनाया है और 'फोर्टनाइट बैटल रोयाल' को इसी कड़ी का नवीनतम सदस्य माना जा सकता है।

यह गेम एक पोस्ट अपोकलिप्टिक दुनिया या कहें एक खत्म होती दुनिया में खुद का अस्तित्‍व बनाए रखने की जद्दोजहद से जुड़ा है जिसे खेलने के लिए खिलाड़‍ियों को खुद का ऑनलान अवतार तैयार करना होता है। शुरुआत होती है, 100 खिलाडि़यों को एक सिकुड़ती दुनिया में भेज दिए जाने से, या तो अकेले या फिर ४ के समूह में, जिनके पास अलग-अलग टास्‍क पूरा कर खुद को जिंदा रखने की चुनौती है। तमाम बधाएं पार करके, जोम्बियों से मुकाबला कर अंत तक जो जीवित बचेगा वही विजेता घोषित किया जायेगा । हालांकि हरेक खिलाड़ी को मात्र एक कुदाल जैसे हथियार के साथ गेम की शुरूआत करनी होती है, लेकिन खेल के दौरान खेल के मैदान में उपलब्ध कई तरह के हथियारों, कवच और उपकरणों को हासिल कर अपने को शक्तिशाली बनाया जा सकता है, उनका उपयोग कर दुश्मनों को फंसाने के लिए तरह- तरह के जाल बनाये जा सकते हैं और खुद दुश्मनों से बचने के लिए वहां के लैंडस्केप और भवनों को ढूंढ सकते हैं। यह भी संभव है कि कई अन्य संसाधनों की खोज कर उनकी सहायता से भी ऐसी संरचनायें अपने बल पर निर्मित की जाए जहाँ खिलाड़ी खुद को मुश्किल की घडी में छिपा सकें और अपनी रक्षा कर सकें। लक्ष्य होता है, यथासंभव अपने दुश्मनों को मार भगाते हुए शस्त्रागारों को खाली कर देना।


इन सब घटनाओं के साथ -साथ, खेल के आभासी मैदान में एक बड़ा- सा गोला दिखाई देना और उसे खिलाडियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया जाना और कुछ- कुछ मिनटों में उस गोले का सिकुड़ते चला जाना खेल को और रोचक बनाता जाता है. बस यही नहीं, इस गोले के किसी हिस्से में फिर से एक नया गोले का यकायक बन जाना और अब उस नए बने क्षेत्र को सुरक्षित कह कर खिलाडियों की चुनौतियाँ को बढ़ा देना खेल के प्रति खिलाडियों को और भी गंभीर बना देता है। ऐसे किये जाने का मकसद होता है सभी प्रतिद्वंदी खिलाड़ियों को आस-पास होने को मजबूर किया जाना और मुकाबले को और भी दिलचस्प बनाना।

फोर्टनाइट को लेकर लोगों के दिल और दिमाग पर छाया नशा, कीबोर्ड पर तेजी से खटखटाती उंगलियां सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर इसके इतनी तेजी से लोकप्रिय होने के क्या कारण हैं? इसी अवधारणा पर आधारित अन्य गेम मसलन माइनक्राफ्ट, PUBG या WoW की तुलना में क्या खास है फोर्टनाइट मे?

क्या खास है फोर्टनाइट में

हर तरह के प्लेटफार्म जैसे एंड्राइड , ios , मैक ,विंडोज और गेमिंग कंसोल पर यह गेम मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। यह एक मल्टीप्लयेर गेम है, दोस्तों के साथ मिलकर इसे खेला जा सकता है |प्रतिभागी अपने हेडसेट और माइक्रोफोन से लैस होकर एक दूसरे से चैट भी कर सकते हैं. कई बच्चों ने तो बाकायदा फोर्टनाइट टीम का गठन किया है और साथ में अभ्यास भी करते हैं.

लोगों का मानना है कि अन्य इसी श्रेणी के खेलों की तरह इसे गंभीर न बनाकर इस गेम को हल्के - फुल्के , आसान और मजेदार रूप में पेश करना इसे अन्य गेम की तुलना में अधिक लोकप्रिय बनाता है। इसके रंग -बिरंगे ग्राफिक्स लोगो को बहुत पसंद आते हैं. इमोट्स फोर्टनाइट का एक खास फीचर है जिसके तहत कई तरह के इमोट्स को अपनी इच्छानुसार खास बटन कमांड के रूप में परिवर्तित किये जाने की खिलाडियों को एक खास सुविधा दी गयी है. कई तरह की छोटी-छोटी चीजें इस गेम को लोकप्रिय बनाने में मददगार रही है जैसे किसी खिलाड़ी की जीत की ख़ुशी में किया गया छोटा- सा नृत्य। यह नृत्य बहुतों को बचकानी लग सकती है, पर सच्चाई है कि यह निराला अंदाज खिलाडियों को बहुत भा रहा है।

माइनक्राफ्ट गेम की तरह इसमें भी खिलाडियों को कई तरह की सामग्रियों जैसे पत्थर, लकड़ियां, कई तरह के धातु को जुटाने का साहसिक काम और उन सामग्रियों का उपयोग होशियारी और रचनात्मक तरीके से करना होता है ताकि दुश्मनों से छिप कर अपने को बचा सकें। इसके अलावा फोर्टनाइट में किसी ऊँची जगह या पहाड़ों पर चढने के लिए सीढ़ियों को बनाने का अवसर मिलता है, अपनी सुरक्षा के लिए एक ऊँची दीवार बनानी पड़ सकती है, लकड़ी की सहायता से किले बनाने होते हैं।

अन्य इसी श्रेणी के खेलों से यह इस मामले में भिन्न है की इसमें खिलाड़ियों को अपनी जरूरतों, रूचि के हिसाब से मैप में परिवर्तन लाने की छूट दी गयी है।

इतना ही नहीं, हर कुछ दिनों में नए-नए चरित्रों, हथियारों , पोशाकों, नृत्य मुद्राओं, मैप लोकेशन को गेम में समावेश कर खिलाडियों के समक्ष कुछ नया पेश कर लोगों की इस खेल में दिलचस्पी बनाये रखने की पूरी कोशिश की जाती है। जैसे कि गार्जियन ऑफ़ द गैलेक्सी के स्टार लार्ड से प्रेरित रस्ट लार्ड आउटफिट का गेम में उपलब्ध होना।

गेम बनाने वाली कंपनी 'एपिक गेम्स 'खिलाडियों के कमेंट और फीडबैक को नजरअंदाज नहीं करती है। कंपनी की इस नीति ने यकीनन इस गेम को लोकप्रिय बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।गेम में किसी तरह की त्रुटि के उजागर किये जाने पर यथाशीघ्र उसका हल निकाला जाता है।

पिछले सीजन के गेम पर नजर डालें तब देख सकते हैं कि जहाँ प्रतिद्वंदियों को हराने के लिए एक बेहतर रणनीति का बनाये जाने के लिए सामग्रियां उपलब्ध कराई गयी हैं वहीँ मनोरंजन की दृष्टि से कई फनी तरीकों को भी शामिल किया गया है, जो हास्यास्पद होते हुए भी लोगों को आकर्षित करने में सफल भी हुए हैं जैसे दुश्मन को फॅसाने के लिए जमीन पर या छतों पर जाल बिछाना, दुश्मनों से बचने के लिए अपने आप को किसी अन्य रूप में परिवर्तित कर सकना, राकेट लांचर से राकेट पर जा पहुँचना या फिर किसी दुशमन पर बूगी बम फेंककर उसे नाचने पर मजबूर कर देना !!


खिलायों को गेम में अपनी मर्ज़ी के हिसाब से कुछ परिवर्तन किये जाने की छूट दी गयी है, चाहे तो तत्काल युद्ध में शामिल हो सकते हैं या कुछ इंतज़ार के बाद, या तो बहुत भीड़ -भाड़ इलाके में अपने आप को डाल सकते हैं या नहीं, मतलब अपनी मर्ज़ी, अपनी रणनीति। चाहे तो इंतज़ार कर सकते हैं उस समय का जब केवल १० खिलाड़ी बचे हों। मतलब अपने गेमप्ले को खुद निर्धारित करने की पूरी स्वतंत्रता प्रदान की गयी है।

अब आते हैं फोर्टनाइट की एक अन्य खास बात पर! यह गेम मुफ्त में उपलब्ध है, कहने का मतलब कि बिना एक भी पैसे का भुगतान किये इस गेम को खेला जा सकता है. पर, मार्किट रिसर्च फर्म सुपर डेटा द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस गेम का अप्रैल २०१८ में २९६ मिलियन डॉलर अर्जित किया जाना अचंभित नहीं करता? फ्री गेम और आय इतनी! माजरा क्या है? बात यह है कि कुछ पैसे देकर इस गेम में बेसिक बैटल पास या कुछ अधिक पैसे देकर प्रीमियम बैटल पास ख़रीदा जा सकता है और इससे खरीदने वालों को एक्सेस मिलता है विशिष्ट परिधानों, बैग या फिर चमचमाते कुदाल जैसी चीजों पर. इसके अलावा यदि कोई अच्छा खेलता है और गेम के लिए सेट साप्ताहिक चुनौतियों को पार करता है तब उसे पॉइंट्स दिए जाते है जिसका उपयोग कर वह अन्य चीजों पर एक्सेस प्राप्त कर सकता है। बैटल पास के लिए कुछ निश्चित V-Buck भुगतान करने होंगे, अब आप पूछेंगे कि ये क्या बला है? जी, दुनिया अलग है तब मुद्रा भी तो अलग होगी? खैर बता दें, १००० V-Bucks को डाउनलोड कररने के लिए £7.99 पौंड चुकाने होंगे। इसके लिए और भी अन्य स्किम खेल संचालकों ने मुहैया कराई है जो की गेम के एक सीजन तक ही वैध है। यहाँ बता दें,फोर्टनाइट गेम सीजन में डिवाइडेड है और तत्काल सीजन ६ चल रहा है . कुछ पोशाकों को अलग से खरीदने का भी प्रावधान है। पर यहाँ उल्लेखनीय है, बैटल पास के माध्यम से खरीदी गयी चीजों से कोई भी खिलाड़ी अधिक शक्तिशाली नहीं बन रहा है और उससे उसके गेम खेलने की कला पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। यह पूर्णतः कॉस्मेटिक बदलाव है। इस खेल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि कुछ नवीनतम और विशेष परिधानों तक पहुँच बनाने के लिए खिलाडियों को और अधिक खेलते रहने को विवश होना पड़ता है।

हालाँकि बच्चों के खेलने के समय पर नियंत्रण के दृष्टिकोण से पैरेंटल कण्ट्रोल जैसी सुविधा दी गयी है, पर उसके एवज में किसी खिलाडी के बीच में गेम छोड़ देने की स्थिति में चल रहे मुकाबले में अर्जित पॉइंट्स में उस खिलाडी के दल को कुछ अंक गंवाने पड़ते हैं।


गेम की बच्चों के मध्य बढती लोकप्रियता ने निश्चित रूप से माता - पिता और अभिभावकों को चिंता में डाला है. ब्लू व्हेल गेम और मोमो चैलेंज खेलने वाले कुछ बच्चों द्वारा आत्महत्या करने की खबरों ने सतर्कता बरतने को जरूरी भी बनाया है। कंपनी ने इस बाबत अपने बचाव में दावा किया है कि उनके द्वारा गठित सेफ्टी टीम अपलोड किए गए सभी ईमेजेज, वीडियो और ऑडियो फाइल को रिव्यू करती है। मल्टीप्लेयर शूटर गेम होने के बावजूद मार-पीट, खून-खराबे जैसे तत्व न डालकर इस गेम को बच्चों के अनुकूल बनाये रखने की कोशिश की गयी है।

यह सर्वविदित है, आज के डिजिटल युग में डिजिटल नशे के रूप में पहचाने जाने वाले ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया इत्यादि समाज पर गहरा असर करते दिख रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संघटन द्वारा 2018 में प्रकाशित 'इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ़ डिजीजेज' के 11वें संस्करण में 'गेमिंग डिसऑर्डर' को एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के तौर पर चिह्नित कर इसकी निगरानी किए जाने को जरूरी बताना, इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की वकालत भी करता है। कई देशों में सोशल मीडिया एडिक्शन स्केल नामक पैमाना भी ईजाद किया गया है, जिसके जरिये पता लगाया जाता है की किसे सोशल मीडिया की कितनी लत है और उसके आधार पर डी एडिक्शन क्लास में ले जाने और इलाज कराने की व्यवस्था भी की गयी है।

परन्तु इसका मतलब यह नहीं की सभी प्रकार की गेमिंग बुरी है, अगर WHO के ही आंकड़े पर ध्यान दें, तब मात्र २ से ३ प्रतिशत खिलाडी ही गेमिंग डिसऑर्डर के शिकार है। पर हाँ, अति सर्वत्र वर्जयेत की तर्ज़ पर इतनी सलाह दी जा सकती है कि इनके अत्याधिक उपयोग से बचें ताकि किसी तरह के नुकसान को न झेलना पड़े।








































No comments:

Post a comment