Wednesday, 30 January 2019

वीकेंड ट्रिप :काशिद बीच



मुंबई से १२६ किमी दूर महाराष्ट्र के उत्तरी कोंकण क्षेत्र में अरब सागर के किनारे अवस्थित है एक छोटा सा गांव, काशिद। तक़रीबन १२०० जनसँख्या वाला यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता की बदौलत एक साल में इससे कहीं ज्यादा संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचता होगा! इसके साफ़-सुथरे समुद्र तट, अरब सागर का फैलाव, पहाड़ियां और यहाँ मौजूद ऐतिहासिक मंदिरों और अवशेषों के बीच खासकर मुंबई और पुणे से पर्यटक सुकून का पल बिताने पहुँचते हैं. खासकर ऐसी स्थिति में जब समय की बाध्यता हो और ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगह जाने से बचना चाहते हों. कहने वाले इसे 'पुअर मैन्स 'गोवा भी कहते हैं, हर बजट के होटल्स और सस्ते दाम में खाने-पीने के सामानों की उपलब्धता को देखकर सही भी है. पर, यहाँ सागर के नीले स्वच्छ पानी का स्पर्श करने , चमकते सफ़ेद रेत पर खाली पैर चलने, लहरों के उतावलेपन और सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देखने के बाद काशिद यात्रा का निर्णय बिलकुल निराश नहीं करता। सरल शब्दों में, मात्र एक वीकेंड में ही बीच का लुत्फ़ उठाकर, बिलकुल रिफ्रेश होकर अपने काम पर लौट सकते हैं और गोवा की तरह जेब पर भारी भी नही, है न आम के आम गुठलियों के भी दाम☺

अरब सागर के 530 किमी लम्बे समुद्रतट के होने के कारण ही पर्यटकों के लिए इस राज्य में बीच के कई विकल्प उपलब्ध हैं. परन्तु दुर्भाग्यवश, जब ज्यादातर समुद्र तट हम इंसानों की बदौलत गन्दगी और कूड़े का पर्याय बन चुके हैं, ऐसे में काशिद बीच की स्वच्छता देखना एक अच्छा अनुभव रहा. यूँ ही इसे कोंकण क्षेत्र के एक बेहतरीन बीच में शुमार नहीं किया जाता!

मुंबई से काशिद सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है अथवा मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया से उपलब्ध फेरी के माध्यम से समुद्र मार्ग से अलीबाग पहुंचकर भी टैक्सी अथवा बस के द्वारा काशिद तक की यात्रा की जा सकती है . यात्रा के दरम्यान यदि तत्कालीन सडकों के निर्माण-कार्य को अगर अनदेखा करें, तब सड़क के दोनों तरफ की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के मद्देनजर यात्रा काफी सुखद लगती है . हाइवे की तरह सड़कें चौड़ी तो नहीं, परन्तु बुरी नहीं.

रस्ते भर कई मनभावन प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं. हरे भरे खेत हों या उड़ते पंक्षियोँ का झुण्ड या फिर अरब सागर में समाहित होती छोटी-छोटी नदियों का विस्मरणीय दृश्य ! बीच के समीप पहुंचते ही सागर तट के किनारे पंक्तिबद्ध कसुअरिना के वृक्ष, समुद्र तट की तरफ रूख करते लोगों के छोटे- बड़े झुण्ड दिखाई देने लगते हैं जो आये हैं सुकून के दो पल गुजारने अपनों के साथ. सामने ही दिखाई देता है, क्रिस्टल की तरह साफ़ नीले पानी और सफ़ेद चमकीले रेत से निर्मित एक सुरम्य दृश्य! समंदर के पानी में भींगते लोग, रेत के घरोंदे बनाते जोड़े, या फिर समन्दर के किनारे-किनारे चहलकदमी करते कोई अकेला या एक- दूसरे के हाथ पकड़े जोड़े, ख़ुशी में चीखते-भागते बच्चे और उनको पकड़ने को दौड़ते माता-पिता और  रेत पर उकेरे शब्द 'आई लव यू तृप्ति'!

कई लोगों का कहना है कि सागर तट पर वे 'ऑप्टिमिस्टिक बेस्ट' की स्थिति में होते हैं, क्या यह सबके लिये उतनी ही सही है? बीच पर मौजूद हर इंसान के चेहरे पर फैली मुस्कराहट क्या इस तथ्य को सही सिद्ध करती है?

४-५ किलोमीटर में फैला है यह समुद्र तट, बीच- बीच में पानी से अठखेलियां करते लोग, चाहे तो कोई एक छोटे से भाग को अपना प्राइवेट बीच बना लें! छोटे-छोटे पत्थर दूर पानी में फेंकने का खेल खेलना अथवा पतले सपाट से पत्थर का पानी में फ़ेंक ३-४ बार पानी में गिरते और ऊपर उछलते दूर तक जाते देखना क्या मजेदार है???

बैठ -बैठे सागर की अथाह गहराई को मापने की कोशिश या कभी ऊपर फैले नीले आसमाँ की ऊंचाई मापना, सहसा अहसास होता है, प्रकृति के समक्ष हम कितने बौने हैं?

अन्य समुद्री तटों की तुलना में भले यह एक शांत बीच लगे, पर यहाँ भी पर्यटकों के लिए बीच सम्बन्धी गतिविधियों का अच्छा खासा इंतजाम है. मसलन, सागर के किनारे घुड़सवारी, अकेले अथवा पूरे परिवार के साथ हॉर्सकार्ट पर या फिर ATV राइड को रेत पर ज़ूम कर निकालने की ख्वाहिश भी पूरी कर सकते हैं . पैरासेलिंग, जेट स्की, बनाना राइड जैसी गतिविधियों से भी यह बीच अछूता नहीं।

अगर बस तमन्ना हैमक पर लेटकर अलसाने की हो, बीच पर पर्यटकों के लिए यह भी सुविधा है।  साथ में पकोड़े, मैगी और नारियल पानी भी उपलब्ध है ! शैक के ही एक कोने में बनाये गए हैं चेंजिंग रूम जहाँ नहाने का पानी भी उपलब्ध है । और हाँ, अगर नहाने की इच्छा है पर अतिरिक्त कपडे नहीं है, तो बीच किनारे लगे बाजार से खरीददारी भी की जा सकती है।
रेत की ठंढक ,लहरों का शोर, चमकते रेत, ऊपर खुला आकाश और दहकता सूरज, पीछे शांत खड़ी पहाड़ी! एक रिलैक्सिंग वीकेंड ट्रिप के लिए और क्या चाहिए?




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